भारतवर्ष की उन्नति कैसे हो सकती है

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र · 1884

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सटीकता
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टाइम
3:00

रोज़ाना का लक्ष्य –

आज बड़े ही आनंद का दिन है कि इस छोटे से नगर बलिया में हम इतने मनुष्यों को बड़े उत्साह से एक स्थान पर देखते हैं। इस अभागे आलसी देश में जो कुछ हो जाय वही बहुत कुछ है। बनारस ऐसे ऐसे बड़े नगरों में जब कुछ नहीं होता तो यह हम क्यों न कहैंगे कि बलिया में जो

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